पावर हाउसों पर फूटा जनता का गुस्सा
बिजली विभाग के cc टीवी कैमरे ख़राब होना चिन्ता का विषय
कैसे पता चलेगा घटना का कारण

लखनऊ। (शेख साजिद हुसैन) पुराना लखनऊ हो या नया शहर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था को लेकर लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन अलग-अलग इलाकों से बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसी क्रम में हाल ही में एक पावर हाउस में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, जहां नाराज़ उपभोक्ताओं ने अंदर घुसकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पावर हाउस के अंदर रखे रजिस्टर को फाड़ दिया गया और जमकर हंगामा किया गया। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि घटना के पीछे कौन लोग जिम्मेदार थे।
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान हालात में दोषी और निर्दोष की पहचान करना काफी मुश्किल होता जा रहा है। बताया जा रहा है कि “वर्टिकल सिस्टम” लागू होने से पहले सभी पावर हाउसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जो सही तरीके से काम भी कर रहे थे। लेकिन अब स्थिति यह है कि अधिकांश स्थानों पर कैमरे बंद पड़े हैं या ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि सीसीटीवी सिस्टम के लिए लगाए गए वाई-फाई कनेक्शन का नियमित रिचार्ज नहीं कराया जा रहा है, जिसके चलते कैमरे निष्क्रिय हो गए हैं। ऐसे में किसी भी विवाद या घटना की सही जानकारी जुटाना विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ने की संभावना है, जिससे बिजली की मांग भी बढ़ेगी। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो पावर हाउसों और सब-स्टेशनों पर जनता का आक्रोश और भी उग्र रूप ले सकता है।
स्थानीय लोगों और जानकारों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पावर हाउसों में लगे सीसीटीवी कैमरों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए और वाई-फाई सेवाओं को सुचारु रूप से चालू किया जाए। इससे न केवल घटनाओं की सही निगरानी संभव होगी, बल्कि किसी भी विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने में भी आसानी होगी।
फिलहाल, शहरवासी भीषण गर्मी और बिजली संकट की दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं, और अब सबकी निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
