कई क्षेत्रों में छापेमारी कर दर्ज कराए मुकदमे

*लखनऊ*।(*संवाददाता बुलन्द आवाज़*) राजधानी में बिजली चोरी और बढ़ते लाइन लॉस पर अंकुश लगाने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने सोमवार को व्यापक अभियान चलाया। निगम के प्रबंध निदेशक के निर्देश पर विभिन्न जोनों में सघन चेकिंग, मॉर्निंग रेड और प्रवर्तन कार्रवाई की गई, जिसमें कई स्थानों पर बिजली चोरी के मामले पकड़े गए और आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
अमौसी क्षेत्र में विभागीय टीम और विजिलेंस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पूर्व चिन्हित फीडरों पर मॉर्निंग रेड अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 38 विद्युत संयोजनों की जांच की गई, जिसमें दो उपभोक्ता मीटर बाईपास कर बिजली चोरी करते पाए गए। विभाग ने दोनों मामलों में विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। अधिकारियों का कहना है कि लाइन लॉस कम करने और राजस्व बढ़ाने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
उधर गोमतीनगर क्षेत्र में रेड टीम ने सेक्टर-4 स्थित संभावित संवेदनशील इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया। टीम ने 28 परिसरों की जांच की, हालांकि यहां कोई भी उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करता नहीं पाया गया। अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य पीक ऑवर में विद्युत तंत्र पर अतिरिक्त भार को नियंत्रित रखना तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।
जानकीपुरम जोन में भी बिजली चोरी के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया गया। अधिशासी अभियंता (रेड) के नेतृत्व में सहायक अभियंता, अवर अभियंता तथा विजिलेंस टीम ने नेवाजगंज, दसौली, कुर्सी रोड और पैकरा मऊ क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। कुल 55 परिसरों की जांच के दौरान दो उपभोक्ता मीटर बाईपास कर बिजली चोरी करते पाए गए। विभाग ने दोनों आरोपितों के खिलाफ विद्युत अधिनियम-2003 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। अधिकारियों ने आम उपभोक्ताओं से वैध कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली उपयोग करने की अपील की है।

इधर लखनऊ मध्य क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। आरडीएसओ, तालकटोरा, न्यू कैंट समेत विभिन्न 33/11 केवी उपकेंद्रों पर सेफ्टी ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें एसएसओ और लाइन स्टाफ को विद्युत सुरक्षा मानकों, शटडाउन प्रोटोकॉल और सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने और शून्य दुर्घटना लक्ष्य प्राप्त करने पर विशेष जोर दिया।
मध्य क्षेत्र में उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए राजाजीपुरम ओल्ड उपकेंद्र से जुड़े एलआईसी ट्रांसफार्मर पर लोड बैलेंसिंग का कार्य भी कराया गया। वहीं हुसैनगंज क्षेत्र में चलाए गए विशेष मॉर्निंग रेड अभियान के दौरान बिजली चोरी का एक मामला पकड़ा गया, जिसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण में तेजी आई है और अधिकांश समस्याओं का समाधान शिकायत दर्ज होने के बाद निर्धारित समय सीमा में किया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
