रूहानियत से सजी यादगार महफ़िल



लखनऊ। 25 अप्रैल 2026:
शहर-ए-लखनऊ की सरज़मीं पर आज मसूर नगर स्थित मैदान एल.एच. खां की अंजुमन दस्त-ए-हुसैनी और जश्न-ए-इमामे रज़ा कमेटी की जानिब से “जश्न-ए-इमामे रज़ा (अ.स.)” का भव्य और रूहानी आयोजन किया गया। इस शानदार महफ़िल में अकीदतमंदों की बड़ी तादाद ने शिरकत कर अपने जज़्बात-ए-अक़ीदत का इज़हार किया।
जश्न के कनवीनर जावेद रज़ा ने बताया कि कार्यक्रम की तमाम तैयारियां मुकम्मल थीं और आयोजन को कामयाब बनाने के लिए खास इंतज़ाम किए गए थे। महफ़िल का आयोजन हज़रत कासिम हॉल में हुआ, जहां देश के मुख़्तलिफ हिस्सों से आए उलेमा और शायरों ने अपने कलाम के ज़रिए इमामे रज़ा (अ.स.) की बारगाह में नजराना-ए-अक़ीदत पेश किया।
इस मौके पर मेहमान-ए-ख़ुसूसी डॉ. मौलाना यासूब अब्बास ने अपनी असरदार तकरीर में इमामे रज़ा (अ.स.) की सीरत, इल्म और इंसानियत के पैग़ाम को बयान किया। वहीं मौलाना सैय्यद सैफ अब्बास नक़वी, मौलाना सैय्यद अब्बास इरशाद नक़वी और मौलाना सदफ जौनपुरी, मौलाना सैय्यद मोहम्मद सकलैन आबिदी ने भी अपने खिताब से महफ़िल को रूहानी रंग में रंग दिया।
रूहानी व अदबी रंग में रंगी इस महफ़िल में वरिष्ठ शायरों में सरवर नवाब, एजाज़ ज़ैदी, नासिर जरवली, बिलाल काज़मी और नय्यर मजीदी ने अपने शानदार अशआर से समां बांध दिया। वहीं बेरुनी शायरों में सलीम जैदी (टुल्लू), जो मशहूर टीवी सीरियल “भाभी जी घर पर है” से अपनी खास पहचान रखते हैं, की मौजूदगी ने महफ़िल की रौनक को और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम की निज़ामत के फ़राइज़ खुर्शीद रज़ा फतेहपुरी और गुलरेज़ नक़वी ने बेहतरीन अंदाज़ में अंजाम दिए, जिससे महफ़िल का सिलसिला बेहद सलीके और खूबसूरती के साथ आगे बढ़ता रहा।
महफ़िल के आखिर में तबर्रुक का भी इंतज़ाम किया गया। और कुरा अंदाजी के जरिए लोगों को जियारत इराक कुरा निकला गया। आयोजकों ने तमाम मोमिनीन का दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनकी शिरकत ने इस रूहानी और अदबी आयोजन को कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचाया। साथ ही यह भी यकीन दिलाया गया कि आने वाले वक्त में भी ऐसे प्रोग्राम बेहतर इंतज़ामात के साथ आयोजित किए जाते रहेंगे।
