पुराने लखनऊ के कई इलाकों में बिजली गुल होने से लोगों में गुस्सा


लखनऊ: लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच बिजली विभाग की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। तालकटोरा क्षेत्र में एसडीओ-33 और जेई की कथित उदासीनता के चलते हजारों लोगों को घंटों बिजली संकट का सामना करना पड़ा, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
सहादतगंज और आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों—सआदतगंज, टिकेट राय तालाब, सचिवालय कॉलोनी, कटरा, कश्मीरी, दरगाह, दाल मंडी, मातादीन रोड, दयादीन रोड और पान दरीबा—में रात करीब 8:15 बजे अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब 4 घंटे से अधिक समय तक बिजली न आने से लोग उमस भरी गर्मी और अंधेरे में बेहाल रहे।
सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में पहले से ही सपोर्टिंग केबल में फाल्ट था, जिसे समय रहते ठीक नहीं कराया गया। इसी बीच दूसरे केबल में भी फाल्ट आ गया, जिससे पूरी सप्लाई व्यवस्था ठप हो गई। यदि पहले ही खराब केबल को दुरुस्त कर लिया जाता, तो इतनी बड़ी आबादी को इस असहनीय परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
हालांकि, रात करीब 2 बजे किसी तरह बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी, लेकिन तब तक लोगों की रात खराब हो चुकी थी। खासकर उन बच्चों और अभिभावकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी, जिन्हें सुबह 6:30 बजे स्कूल जाना था। लोगों का कहना है कि पूरी रात गर्मी में जागने के बाद बच्चों के लिए सुबह उठकर स्कूल जाना बेहद मुश्किल हो गया।
बिजली गुल होने से जहां घरों में अंधेरा छा गया, वहीं सड़कों पर स्ट्रीट लाइट बंद होने से आवागमन प्रभावित हुआ और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी समय रहते मौके पर नहीं पहुंचे और समस्या के समाधान में लापरवाही बरती गई।
एक तरफ प्रदेश के ऊर्जा मंत्री निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारी एसी दफ्तरों में बैठे रहे और फील्ड में सक्रियता नहीं दिखाई।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
