जाम की स्थिति होगी और विकराल
ताजा मामला राजधानी के थाना चौक क्षेत्र का
*लखनऊ*।(*सय्यद जावेद हुसैन*) उत्तर प्रदेश की राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है।
ताजा मामला राजधानी के थाना चौक क्षेत्र का है, जहाँ एलडीए के ज़ोन 7 के अंतर्गत नियमों को ताक पर रखकर एक बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों और राहगीरों के विरोध के बावजूद यह निर्माण कार्य बिना किसी डर के तीव्र गति से जारी है।
लगभग 2000 वर्ग फीट में अवैध निर्माण, ‘सेट बैक’ गायब
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चौक मंडी स्थित ‘अरुण फोटो स्टेट’ के सामने और ‘रेड रोज़ होटल’ के निकट लगभग 2000 वर्ग फीट के एक बड़े भूखंड पर इस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत के निर्माण में एलडीए के उपनियमों (By-laws) का सरेआम उल्लंघन हो रहा है।
मौके पर न तो अनिवार्य ‘सेट बैक’ (इमारत के चारों तरफ छोड़ी जाने वाली खाली जगह) दिया गया है और न ही बेसमेंट या धरातल पर पार्किंग स्थल की कोई व्यवस्था दिखाई दे रही है।
सड़क पर गाड़ियाँ खड़ी होने से लगेगा ‘भीषण जाम’
इस अवैध निर्माण ने अब एक बड़ा नागरिक संकट खड़ा कर दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के तैयार होने के बाद यहाँ आने वाले ग्राहकों और व्यापारियों की गाड़ियाँ कहाँ खड़ी होंगी?
स्थानीय निवासियों का कहना है: “चौक मंडी इलाका पहले से ही बेहद संकरा है और यहाँ दिनभर भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। जब इस कॉम्प्लेक्स में आने वाले वाहनों को सड़क पर पार्क किया जाएगा, तो यहाँ की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।
पैदल चलना भी दूभर हो जाएगा।”
क्षेत्रीय इंजीनियर और सुपरवाइजर की भूमिका संदिग्ध
इतने बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध निर्माण पर एलडीए की ओर से कोई कार्रवाई न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
जिस तेजी से दिन-रात बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है, उससे साफ प्रतीत होता है कि इस अवैध कृत्य को एलडीए के जिम्मेदार अधिकारियों का मूक संरक्षण प्राप्त है।
सूत्रों का दावा है कि क्षेत्रीय अवर अभियंता (जूनियर इंजीनियर) और सुपरवाइजर की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा निर्माण संभव ही नहीं है।
एलडीए की इस ‘रहस्यमयी खामोशी’ को लेकर अब क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं और लोग विभाग की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा रहे हैं।
उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एलडीए वीसी (उपाध्यक्ष) और ज़ोनल अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि इस अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण को तुरंत नहीं रोका गया और इसे सील नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह पूरे चौक क्षेत्र के लिए एक बड़ा नासूर बन जाएगा।
अब देखना यह है कि योगी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों के बीच, एलडीए के उच्चाधिकारी अपने भ्रष्ट मातहतों और इस अवैध निर्माणकर्ता पर क्या और कब तक कार्रवाई करते हैं।

