कोरोना वायरस के खतरे के बीच अपने जीवन को जोखिम मे डाल कर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ो का इलाज करने वाले डाक्ॅटरो पर रविवार की सुबह सेना के हेलीकाप्टर ने फूलो की बारिश कर उनका मनोबल बढ़ाया । रविवार की सुबह लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिर्वसिटी और एसजीपीजीआई अस्पताल के उपर सेना के हेलीकाप्टर दिखाई दिए नीचे डाक्टरो का हुजूम था और उपर से हेलीकाप्टर इन डाक्टरो पर पुष्प वर्षा कर रहे थे । इसी तरह से लखनऊ मे सुबह के समय आसमान मे तीन जंगी जहाज़ भी लोगो के आकर्षण का केन्द्र बने रहे । लाक डाउन
Year: 2020
ढाई सौ गरीबो को बाटा समाज सेविका सुनैना वर्मा ने राशन
महिला कल्याण एंव बाल विकास एसोसिएशन की अध्यक्ष सुनैना वर्मा ने तीन दिनो मे ढाई सौ परिवारो को उनकी ज़रूरत का राशन अपने घर बुला कर वितरीत किया । ढाई सौ लोगो को राशन बाटने मे मे तीन दिन इस लिए लग गए क्यूकि पहले से चिन्हित किए गए ज़रूरतमंद परिवारो की उनके घर पर भीड़ न लगे और सोशल डिस्टेस्ंिनग बाधित न हो । सुनैना वर्मा द्वारा बाटे गए राशन के पैकेट मे ज़रूरत का लगभग सभी सामान मौजूद था। समाज सेविका सुनैना वर्मा ने बताया कि उन्होने गरीब परिवारो को राशन देते हुए ये भी ख्याल रख्खा कि
लाक डाउन का दूसरा चरण भी समाप्त लेकिन नही थमा कोरोना
लाक डाउन मे गरीबो के लिए मसीहा साबित हुई समाज सेवी संस्थाए लखनऊ। पूरे देश मे 25 मार्च से लागू किए गए सम्पूर्ण लाक डाउन के दूसरे चरण के 40 दिन आज पूरे हो गए । लोगो को ये आशा थी कि 40 दिनो के इन्तिज़ार के बाद कोरोना के मामले कम होगे और देश को लाक डाउन से पूरी तरह से निजात मिल जाएगी लेकिन ऐसा नही हुआ कोरोना वायरस के मामले देश मे लगातार बढ़ रहे है जिसकी वजह से पूरे देश मे 14 दिनो के लिए लाक डाउन को और बढ़ाना पढ़ गया । देश मे आज
पत्रकार कोरोना वारियर्स न सही इन्सान तो है भूख के दर्द का एहसास भी है
39 दिनो के लाक डाउन मे लखनऊ मे ही अगर आकलन किया जाए तो लाखो लोग ऐसे है जिनके पास खाने के लिए पैसे नही बचे और ऐसे निर्धन गरीब परिवारो के सामने दो वक्त की रोटी जुटा पाना मुशकिल हो गई है ऐसे गरीब परिवारो की मदद के लिए सरकारी और गैर सरकार संस्थाए खुल कर सामने आई है और लाक डाउन लागू होने के बाद से अब तक तमाम समाज सेवी संस्थाए निरन्तर लोगो की मदद मे आगे आगे दिख रही है । 39 दिनो के लाक डाउन मे सड़को पर घूमने वाले हज़ारो आवारा जानवर कुत्ते और
लाक डाउन में गरीबो की मदद मे निरन्तर प्रयासरत है पत्रकार
भले ही सरकार ने लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ पत्रकारिता के प्रहरी पत्रकारो को करोना वारियर्स की रेणी से बाहर रखा है लेकिन देखने को मिल रहा है कि पत्रकार कोरोना वायरस के खतरे के बीच पत्रकारिता के दायित्वो का निर्वाहन करते हुए देशवासियो को न सिर्फ करोनो से सम्बन्धित समाचार पूरी निष्पक्षता से पहुॅचा रहे है बल्कि लोगो को जागरूक कर रहे है और अपनी क्षमता के अनुसार वो बेसाहारा गरीब लोगो की मदद मे भी पीछे नही है। ज़िला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वहीद पत्रकारिता के साथ सामाजिक ज़िम्मेदारियो को भी बखूबी निभाते देखे गए है।
पुराने लखनऊ के दो हाट स्पाटो को छोड़ कर बाकी से है अच्छी खबरे
सआदतगंज और तालकटोरा के मोहल्ला वासियो को जल्द मिल सकती है राहत पुराने लखनऊ के बाज़ार खाला और सआदतगंज और तालकटोरा थाना क्षेत्र मे बनाए गए सभी तीन हाट स्पाटो से अच्छी खबर आई है एक महीना पूर्व तालकटोरा के पीर बक्का मे कोरोना वायरस के संक्रमण का एक मरीज़ और सआदतगंज के गुलाब नगर मोहल्लो मे कोरोना के 7 मरीज़ मिलने के बाद इन दोनो मोहल्लो को हाट स्पाट घोषित कर सील कर दिया गया था इन मोहल्लो मे रहने वाले सभी लोग करीब एक महीने से अपने अपने घरो के अन्दर ही कैद है लेकिन इस एक महीने
ठाकुरगंज में भी बन सकता है एक मोहल्ला हाॅट स्पाॅट
पुराने लखनऊ के लोग पहले से ज़्यादा हुए जागरूक लखनऊ। पुरान लखनऊ के कई थाना क्षेत्रो मे कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ो के मिलने के बाद उन्हे हाट स्पाट घोषित कर सील किया जा चुका है अभी तक हाट स्पाटो की श्रेणी से ठाकुरगंज थाना क्षेत्र मुक्त था लेकिन लाक डाउन के आज 39वें दिन ठाकुरगंज थाना के सरफराज़गंज मोहल्ले मे कोरोना वायरस के संक्रमण का एक मामला प्रकाश मे आने के बाद अब इस मोहल्ले पर भी हाट स्पाट घोषित होकर सीलिंग का खतरा मंडराने लगा है। हालाकि जिस मोहल्ले मे आज कोरोना वायरस के मरीज़ मिले की बात
37 दिनो से पुल पर रात गुज़ार रहे है एक दर्जन मज़दूर खाने का रहता है इन्तिज़ार
लखनऊ मे ऐशबाग पुल पर एक दर्जन ऐसे गरीब मज़ूदर दिन रात गुज़ार रहे है जो लखनऊ में मेहनत मज़दूरी करने आए थे लेकिन लाक डाउन की वजह से अपने घरो को वापस नही जा पाए अब इन एक दर्जन मज़दूरो के पास न तो खाना खाने के लिए पैसे ही है और न सर छुपाने के लिए जगह है। पुल के उपर फुटपाथ पर चादर तान कर रह रहे मज़दूर अंकित, विकास, अंकुर ,मोनू और विद्या भूषण ने बताया कि लाक से पहले हम लोग यहा मज़दूरी करने के लिए आए थे लाक डाउन लागू हुआ तो हम लोग
रोज़ा रख कर रोज़ादार पहुॅचा मंदिर पुजारी को दिया राशन भूखी गाय को खिलाई रोटी
देश के 130 करोड़ लोग जब एक जुट होकर कोरोना वायरस को हराने के लिए अपने अपने धार्मिक रस्मो रिवाज को त्याग कर कोरोना से जंग लड़ रहे है तब ऐसे नाज़ुक हालात मे भी कुछ लोग हिन्दू मुसलमानो के बीच नफरत का ज़हर घोलने से बाज़ नही आ रहे है लेकिन देश मे आपसी भाई चारे को बढ़ावा देने वाले लोगो का प्रतिशत इन फिरका परस्त लोगो के मुकाबले बहोत ज़्यादा है जिसकी वजह से साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की मंशा रखने वाले अपने ंसूबो मे कामयाब नही हो रहे है। हिन्दू मुस्लिम एकता की ऐसी ही एक मिसाल
लाक डाउन के 37 दिन पूरे कोरोना के मरीज़ो की संख्या 33 हज़ार के पार 1074 की हुई मौत
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए पूरे भारत मे लागू किए गए सम्पूर्ण लाक डाउन के आज 37 दिन पूरे हो गए 25 मार्च से लागू किए गए दो चरणो के इस लाक डाउन के अब कुल तीन दिन और बाकी रह गए है लेकिन सम्भावनाए यही है कि आने वाली तीन तारीख को भी पूरे देश से लाक डाउन को समाप्त नही किया जाएगा क्यूकि कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे है। इन 37 दिनो के लाक डाउन मे देशवासियो ने लाक डाउन का पाल करते हुए जिस तरह से परेशानियां उठा कर कोरोना से जंग लड़ी है
