मोहर्रम से पहले पुराने लखनऊ की बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल

विभाग के दावों और जमीनी हकीकत में दिखा फर्क

*लखनऊ*। (*शेख साजिद हुसैन*)राजधानी में बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा लगातार मॉर्निंग रेड अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान के दौरान कई स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। वहीं दूसरी ओर पुराने लखनऊ के कई इलाकों में लगातार बिजली कटौती और खराब आपूर्ति व्यवस्था ने विभागीय दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मोहर्रम शुरू होने से पहले नोबाड़ी न्यू पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले कई मोहल्लों में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों के मुताबिक शाम से लेकर देर रात तक कई बार बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे घरों के साथ-साथ इमामबाड़ों और अज़ाखानों में चल रही तैयारियां भी प्रभावित हुईं। भीषण गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली न रहने से बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

उधर बिजली विभाग का दावा है कि राजधानी के विभिन्न जोनों में बिजली चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। 16 जून को अमौसी, राजाजीपुरम, जानकीपुरम और गोमतीनगर क्षेत्रों में चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान के दौरान कई उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़े गए, जिनके खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत कार्रवाई की गई। विभाग का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

वहीं विभाग ने मध्य क्षेत्र में भूमिगत केबल बिछाने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, लोड बैलेंसिंग तथा विद्युत नेटवर्क को मजबूत बनाने जैसे कई कार्यों का उल्लेख करते हुए उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति देने का दावा किया है।

हालांकि पुराने लखनऊ के लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही हैं। सूत्रों के अनुसार हर वर्ष मोहर्रम से पहले ट्रांसफार्मर, केबल, जंपर, फ्यूज तथा अन्य जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी जाती थी ताकि किसी भी तकनीकी खराबी को तत्काल दूर किया जा सके। लेकिन इस बार अभी तक संसाधनों की उपलब्धता अपेक्षित स्तर पर नहीं है, जिसके चलते स्थानीय बिजली कर्मियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि मोहर्रम के दौरान पुराने लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों में मजलिसों, मातमी जुलूसों और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला लगातार चलता रहता है। ऐसे में निर्बाध विद्युत आपूर्ति न केवल आम नागरिकों बल्कि आयोजकों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि मोहर्रम के आगाज़ से पहले ही बिजली व्यवस्था का यह हाल है तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि नोबाड़ी न्यू पावर हाउस क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा मोहर्रम के दौरान विशेष कंट्रोल रूम और आपातकालीन मरम्मत टीमों की तैनाती की जाए ताकि किसी भी खराबी का तुरंत समाधान हो सके।

अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाने वाला विभाग मोहर्रम जैसे संवेदनशील अवसर से पहले पुराने लखनऊ की चरमराई बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कितनी गंभीरता दिखाता है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो धार्मिक आयोजनों के दौरान हजारों लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll Up