बरसात से पहले फूटा लोगों का गुस्सा
अयोध्या फैजाबाद रोड स्थित जोन 3 का मामला

*लखनऊ*।(*सय्यद जावेद हुसैन*) राजधानी के अयोध्या (फैज़ाबाद) रोड स्थित इक्का स्टैंड बिजली घर के पास नगर निगम की कथित लापरवाही के खिलाफ स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर निगम के जोन-3 के अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता के चलते मुख्य मार्ग के किनारे बना नाला पूरी तरह सिल्ट, कूड़े-कचरे और मलबे से पट चुका है, जिससे बरसात के मौसम में बड़े जलभराव का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब एक मीटर से भी कम चौड़ाई वाला यह नाला लंबे समय से साफ नहीं कराया गया है। नाले में गंदगी जमा होने के कारण पानी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है और जगह-जगह गंदा पानी ठहरने लगा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
क्षेत्र के दुकानदारों और निवासियों ने नगर निगम के सुपरवाइजर बृजेश कुमार पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद न तो मौके का निरीक्षण किया गया और न ही सफाई अभियान चलाया गया। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पिछले वर्षों में हल्की बारिश के दौरान भी सड़क और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन चुकी है। अब जबकि नाला पूरी तरह चोक हो गया है, तेज बारिश होने पर घरों, दुकानों और मुख्य सड़क पर पानी भरने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। लोगों को आशंका है कि यदि जल्द सफाई नहीं हुई तो बरसात में आवागमन बाधित होने के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।
इलाके के लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर नगर निगम मानसून से पहले नालों की सफाई के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मुख्य मार्गों पर स्थित नालों की बदहाल स्थिति उन दावों की पोल खोल रही है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी तैयारियों में व्यस्त हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं।
क्षेत्रवासियों ने नगर आयुक्त और नगर निगम के उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए नाले की युद्धस्तर पर सफाई, सिल्ट हटाने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो बरसात के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
