झुग्गी-झोपड़ियों तक पहुंचा विभाग का अभियान
अवैध कनेक्शनों में मचा हड़कंप

लखनऊ। राजधानी में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विद्युत विभाग ने अब झुग्गी-झोपड़ियों में हो रही बिजली चोरी के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है। मध्य क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में शुक्रवार को चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान के दौरान विभागीय टीमों को देखकर अवैध रूप से बिजली इस्तेमाल कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया। कई स्थानों पर लोग आनन-फानन में अपने अनाधिकृत तार और केबल हटाते नजर आए।
विद्युत विभाग के अनुसार बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बिजली चोरी और अनधिकृत भार के कारण ट्रांसफार्मरों तथा एबीसी केबलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए सबसे अधिक लाइन लॉस वाले संवेदनशील उपकेंद्रों के अंतर्गत विशेष जांच और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
रेड टीम ने ऐशबाग वार्ड में रामलीला मैदान के सामने स्थित झुग्गी बस्ती, तिलक नगर वार्ड में कब्रिस्तान और गूंगे-बहरे स्कूल के पीछे की बस्ती, राजाजीपुरम वार्ड में अंडरपास और पंपिंग स्टेशन के आसपास की झुग्गियों, दौलतगंज वार्ड के गुललाला रोड, मलाही टोला वार्ड संख्या-1, शांति नगर तथा हुसैनाबाद क्षेत्र के घंटाघर के आसपास बनी झुग्गी-झोपड़ियों में व्यापक स्तर पर जांच की।
अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों ने पाया कि कई स्थानों पर बिना वैध कनेक्शन के सीधे बिजली लाइनों से तार जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। टीमों के पहुंचते ही अवैध रूप से बिजली इस्तेमाल कर रहे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने तत्काल अपने तार हटाने शुरू कर दिए।
विभागीय अधिकारियों ने झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों से संवाद करते हुए कहा कि बिजली चोरी एक दंडनीय अपराध है और इससे न केवल राजस्व का नुकसान होता है बल्कि पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित होती है। अधिकारियों ने लोगों को वैध विद्युत संयोजन लेने के लिए प्रेरित किया और बताया कि जिन परिवारों के पास कनेक्शन नहीं है, वे नियमानुसार आवेदन कर आसानी से बिजली कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि झुग्गी-झोपड़ियों में बड़े पैमाने पर अनधिकृत बिजली उपयोग के कारण ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त भार पड़ता है, जिससे बार-बार फॉल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। विभाग का प्रयास है कि ऐसे अवैध भार को नियंत्रित कर शहरवासियों को 24 घंटे निर्बाध और ट्रिपिंग मुक्त बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।
हालांकि जानकारों का मानना है कि केवल कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। विभाग को झुग्गी बस्तियों में विशेष शिविर लगाकर आसान प्रक्रिया के माध्यम से कनेक्शन उपलब्ध कराने, जागरूकता बढ़ाने और गरीब परिवारों को वैध बिजली व्यवस्था से जोड़ने पर भी जोर देना होगा। इससे बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगेगा और राजस्व बढ़ने के साथ-साथ विद्युत व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।
विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जाएंगे। विभाग का दावा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल चोरी पकड़ना नहीं, बल्कि बिजली नेटवर्क को सुरक्षित रखते हुए उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
