*लोगों को किया गया रक्तदान के लिए प्रेरित*

*लखनऊ*। 13 जून(*फहीम खान*) विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर शुक्रवार को 50 बेडेड संयुक्त चिकित्सालय चंदर नगर, आलमबाग में रक्तदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.पी. सिंह के नेतृत्व में तथा अखिल भारतीय हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति के सहयोग से संपन्न हुआ।
रैली का शुभारंभ चिकित्सालय परिसर से किया गया, जिसमें चिकित्सालय के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पैदल मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने रक्तदान के महत्व से संबंधित संदेशों वाले बैनर और तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया तथा स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया।


इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.पी. सिंह ने कहा कि रक्तदान एक महान मानवीय सेवा है, जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल जरूरतमंद मरीजों को सहायता मिलती है बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
रैली में शामिल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. दीक्षित ने कहा कि रक्त की आवश्यकता कभी भी किसी भी व्यक्ति को पड़ सकती है। ऐसे में समाज के प्रत्येक सक्षम नागरिक का दायित्व है कि वह रक्तदान के प्रति जागरूक बने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए स्वैच्छिक रक्तदान ही मरीजों की जरूरतों को पूरा करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
रैली के दौरान चिकित्सालय के समस्त चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा कर्मचारियों ने आसपास के क्षेत्र में लोगों से संवाद कर रक्तदान के लाभों की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने लोगों से अपील की कि वे रक्तदान से जुड़े भ्रमों और आशंकाओं को दूर करें तथा नियमित रूप से रक्तदान कर मानवता की सेवा में योगदान दें।
कार्यक्रम के समापन पर रक्तदान के महत्व पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक यूनिट रक्त कई लोगों का जीवन बचाने में सहायक हो सकता है। इसी उद्देश्य से विश्व रक्तदान दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है ताकि अधिक से अधिक लोग स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
