शक्ति भवन में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की समीक्षा बैठक

जनता को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता

किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डॉ. आशीष कुमार गोयल

*लखनऊ*।(*शेख साजिद हुसैन*) उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती, ट्रिपिंग और जर्जर आपूर्ति व्यवस्था को लेकर राजधानी स्थित शक्ति भवन में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता UPPCL के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने की। इस दौरान प्रदेशभर में बिगड़ती बिजली व्यवस्था, राजस्व वसूली और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर गंभीरता से चर्चा की गई।

बैठक में UPPCL के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रदेश में किसी भी हाल में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

दरअसल, पिछले कई दिनों से राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में बिजली संकट गहराता जा रहा है। पुराने लखनऊ, राजाजीपुरम, आलमबाग, चिनहट, इंदिरानगर, ठाकुरगंज, सआदतगंज समेत कई इलाकों में घंटों बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। लगातार बाधित हो रही सप्लाई से आम जनता परेशान है। कई स्थानों पर लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी किया और बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।

बैठक में चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रिपिंग, ओवरलोडिंग और फाल्ट जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में फील्ड स्तर पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन जिलों में लगातार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में राजस्व वसूली की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उपभोक्ताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित करते हुए बिलिंग, शिकायत निस्तारण और सप्लाई व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए। इसके अलावा बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, विभाग ने सभी डिस्कॉम अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी बड़े फाल्ट या सप्लाई संकट की स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

UPPCL अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि “प्रदेश की जनता को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll Up