जश्न ए शीरखार ए कर्बला सम्पन्न

मर्सिया ख्वान मुइज़ अब्बास को अवार्ड ए शीरखार ए कर्बला से नवाज़ा गया

लखनऊ। इमाम हुसैन(अ.स)के फरजंद अली असगर (अ. स.) की विलादत के पुर मसर्रत मौक़े पर शायर ए अहलेबैत नय्यर मजीदी के मकान में हर साल की तरह इस साल भी तरही महफिल का इनएक़ाद हुआ। महफिल का आगाज औन साहब ने दुआ ए सनम ए कुरैश की तिलावत से किया।महफिल की निजामत असद आज़मी साहब ने की।

इस मौक़े पर जश्न-ए-शीरख्वार-ए-कर्बला अवार्ड मर्सिया ख्वान-ए-अहले बैत मुईज़ अब्बास सल्लामऊ को दिया गया।

महफिल को मौलाना सय्यद अली मुतक़्की ज़ैदी साहब ने खिताब किया।

इस तरही महफिल का मिसरा ए तरह ”देना है तहनियत मुझे उम्में रबाब को”था। इसी मिसरे में शोअरा कराम ने अपने मखसूस अंदाज में मनक़बत पेश की। महफिल का आगाज़ दोपहर 2 बजे हुआ और मगरिब की नमाज़ से क़ब्ल महफिल को खत्म कर दिया गया। होने वाली इस महफिल में जो खास बात थी वह मुतारनिम शायर के लिए छह शेर और तहत में पढ़ने वाले शायरों के लिए आठ शेरों की क़ैद थीऔर क़ुरांदाजी के ज़रिए शायरों के नाम की पर्चियां निकलती रहीं उसी तरह से शोअरा अपना कलाम पेश करते रहे।

महफिल में नासिर जरवली, शकील उतरौलवी, खुर्शीद फतेहपुरी, जावेद बरकी, डॉक्टर अना आज़मी, मीसम ज़ैदी, फय्याज लखनवी, इरफान जंगीपुरी, वसी जौनपुरी,नजफ उतरौलवी, अख्तर लखनवी, ताहिर कानपुरी,ज़की भारती, आबिद नज़र,अम्बर आब्दी, सलमान तबिश, तय्यब लखनवी, शुमूम आरफी, नग़्मी मोहानी,हसन जाफर, फरमान लखनवी, कौसर रिज़वी,फ़ैज़ान जाफर, कुमैल लखनवी, शेख साजिद, सरवर दबीरी, मुन्तजिर लखनवी, वक़ार लखनवी, वसी सल्लामऊ समेत कई मशहूर और मारूफ शायरों ने शिरकत की। इस दौरान जहां बाज़रिए क़ुरांअदाजी गहवारा ए शहज़ादे अली असगर तक्सीम किए गए।

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