होटल-रेस्त्रां में अग्नि सुरक्षा पर एलडीए सख्त

शहरभर में चला विशेष जांच अभियान

भवनों के स्वीकृत मानचित्र, फायर एनओसी तथा मौके पर मौजूद अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया

*लखनऊ*। राजधानी में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। हाल ही में दिल्ली के एक होटल में आग लगने की दर्दनाक घटना के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को शहर के विभिन्न इलाकों में संचालित होटलों और रेस्त्रां में व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान भवनों के स्वीकृत मानचित्र, फायर एनओसी तथा मौके पर मौजूद अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने बहुमंजिला इमारतों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर यह परखा कि वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। अधिकारियों ने फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की भी जांच की।

प्रवर्तन जोन-1 के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी के नेतृत्व में टीम ने विभूति खंड स्थित होटल सैवी ग्रैंड, होटल मधुरिमा और कम्फर्ट इन का निरीक्षण किया। वहीं प्रवर्तन जोन-6 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह की अगुवाई में जेमिनी कॉन्टिनेंटल, होटल चरन और रेजेंटा सहित अन्य प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। इसके अलावा प्रवर्तन जोन-5 की जोनल अधिकारी वंदना पाण्डेय ने चिनहट, अयोध्या रोड और इंदिरा नगर क्षेत्र के विभिन्न होटलों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि अब तक 29 होटलों के मालिकों और प्रबंधकों से स्वीकृत भवन मानचित्र तथा फायर एनओसी प्रस्तुत करने को कहा गया है। संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान दर्ज किए गए बिंदुओं का दस्तावेजों से मिलान किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी या सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाती है तो संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*अग्नि सुरक्षा को लेकर एलडीए कार्यालय के कमेटी हॉल में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक आयोजित की गई*। बैठक में अपर सचिव सी.पी. त्रिपाठी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल, उप सचिव माधवेश कुमार, अधिशासी अभियंता नीरज कुमार समेत कई अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।

बैठक के दौरान आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने फायर एनओसी, सुरक्षा ऑडिट और अन्य अग्नि सुरक्षा उपायों से जुड़ी समस्याओं एवं सुझावों को अधिकारियों के सामने रखा। इस पर अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि शहर की सभी बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा ऑडिट और मॉक ड्रिल कराई जाएगी। साथ ही जिन अपार्टमेंट्स को अभी तक आवश्यक प्रमाणपत्र जारी नहीं किए गए हैं, उन्हें भी शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा।

अपर सचिव सी.पी. त्रिपाठी ने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें नागरिकों और आरडब्ल्यूए की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरडब्ल्यूए के सहयोग से सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू कराया जाएगा।

एलडीए और अग्निशमन विभाग की यह संयुक्त पहल राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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