नगर निगम में साफ-सफाई की मॉनिटरिंग तेज, ड्यूटी में लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस

डोर-टू-डोर व सड़कों से कूड़े के उठान, नालियों की सफाई पर नगर निगम हुआ सख्त

लखनऊ। शहर की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार ने कड़ा रुख अपना लिया है। अब नगर निगम में रोज़ सुबह सेनेटरी एंड फूड इंस्पेक्टर (SFI) और सुपरवाइज़र की ड्यूटी की LIVE मॉनिटरिंग हो रही है।

इसके लिए एक खास सिस्टम बनाया गया है जिसमें महीने के अलग-अलग दिनों में अपर नगर आयुक्तों को रोस्टर के हिसाब से मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है। इस अभियान की शुरुआत 7 मई से हुई है, जिसमें एक कंट्रोल रूम स्थापित करके वीडियो कॉल/जूम ऐप के ज़रिए मॉनिटरिंग की जा रही है। इस कार्य में अपर नगर आयुक्त ऑनलाइन मीटिंग कर रहे हैं और हर ज़ोन के ज़िम्मेदारों से सीधे रिपोर्ट ले रहे हैं।

कई अधिकारी ड्यूटी से नदारद

मॉनिटरिंग के दौरान विगत दिनों में यह पाया गया कि कई SFI और सुपरवाइज़र सुबह फील्ड पर मौजूद ही नहीं थे। यह सीधे तौर पर लापरवाही का मामला है। इस पर नाराज़गी जताते हुए नगर आयुक्त महोदय ने सोमवार को विभिन्न जोन के 8 SFI और 73 सुपरवाइज़र को कारण बताओ नोटिस भेजने का आदेश दिया है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अगर जांच में गलती पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

महापौर और नगर आयुक्त लगातार सक्रिय

शहर की साफ-सफाई को लेकर माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल खुद लगातार सक्रिय हैं और नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार को भी निर्देश दे रही हैं। नगर आयुक्त द्वारा भी खुद शहर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया जा रहा है। अब सिर्फ दफ्तरों से आदेश जारी नहीं हो रहे, बल्कि नाले-नालियों की सफाई, सड़कों पर झाड़ू लगने और कूड़े के समय से उठान की वीडियो कॉल के ज़रिए मॉनिटरिंग हो रही है। इसका मकसद है कि हर वार्ड में तय समय पर सफाई हो और जनता को गंदगी से राहत मिले।

पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर कदम

LIVE मॉनिटरिंग और वीडियो कॉल के ज़रिए रिपोर्टिंग का मकसद सिर्फ अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज करना नहीं है, बल्कि साफ-सफाई की वास्तविक स्थिति जानना भी है। कई बार शिकायत मिलती थी कि सुबह कर्मचारी फील्ड पर जाते नहीं या देर से काम शुरू करते हैं। अब यह सब वीडियो कॉल के ज़रिए सामने आ रहा है।

नगर आयुक्त महोदय का कहना है कि आगे भी मॉनिटरिंग का यह सिलसिला जारी रहेगा। समय पर जो अधिकारी और कर्मचारी फील्ड पर मिलेंगे, उनकी तारीफ की जाएगी, और जो लापरवाही करेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके साथ ही नगर आयुक्त महोदय ने विभिन्न जोन में काम कर रही कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारियों की अटेंडेंस की रेगुलर मॉनिटरिंग के लिए सभी जोनल अधिकारी व जोनल सेनेटरी अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि अगर कहीं भी लापरवाही या कोई कर्मचारी कम पाया जाएगा तो कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जनता को भी होगा फायदा

इस अभियान का सबसे बड़ा फायदा शहरवासियों को होगा। जब सुबह ही सफाई की टीम अपनी ड्यूटी पर रहेगी, तो सड़कों, नालियों और मोहल्लों में समय से सफाई होगी। इससे गंदगी, दुर्गंध और बीमारियों से काफी हद तक राहत मिल सकेगी। नगर निगम का साफ संदेश है—अब कोई भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही नहीं कर पाएगा, क्योंकि हर चीज़ पर सीधी नज़र रखी जा रही है।

 

ज़ोनल अधिकारी ने किया कई इलाकों का निरीक्षण

 

 

स्वच्छता में लापरवाही पर सख्त रुख: दो संस्थाओं पर जुर्माना, चेतावनी जारी

 

लखनऊ। जोन-6 के अंतर्गत सोमवार सुबह 7 बजे जोनल अधिकारी जोन-7 ने वार्ड कन्हैया माधोपुर द्वितीय का निरीक्षण किया गया। इस दौरान आदर्श नगर के मोहल्लों में घर-घर जाकर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और नालियों की सफाई की स्थिति का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लखनऊ स्वच्छता अभियान (LSA) की टीम सभी घरों से नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठा रही है। इसके कारण लोग घरों के बाहर कूड़ा फेंकने पर मजबूर हैं, जिससे गंदगी फैल रही है। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए मौके पर ही जोनल मैनेजर को बुलाया गया और सात दिन के अंदर व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित संस्था के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, क्षेत्र में कार्यरत एजेंसी “वर्षा एंटरप्राइजेज” को भी कई बार चेतावनी देने के बावजूद कोई सुधार नहीं दिखा। इस कारण संस्था पर ₹25,000 का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संस्था के सुपरवाइजर का 15 दिनों का वेतन भी काटने का आदेश दिया गया है।

इसी प्रकार वार्ड हैदरगंज प्रथम का भी निरीक्षण किया गया। वहां पर समय पर नालियों की सफाई नहीं हुई थी और जगह-जगह कूड़ा पड़ा मिला। इस पर वहां कार्यरत संस्था “एफबी ट्रेड” पर भी ₹25,000 का जुर्माना लगाया गया है। इस संस्था के सुपरवाइजर का भी 15 दिनों का वेतन काटने का आदेश जारी किया गया है।

प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि संबंधित संस्थाओं के कार्य में सुधार नहीं होता है, तो उन्हें तीन बार नोटिस देने के बाद ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

यह निरीक्षण स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और शहर को साफ-सुथरा रखने के उद्देश्य से किया गया था। प्रशासन का कहना है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता की सुविधाओं के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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