ऑल इंडिया आंबेडकर महासभा सहित कई दलित संगठनों ने एससी/एसटी एक्ट को सख्त बनाने समेत कई मांगों को लेकर आज भारत बंद का ऐलान किया है। सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तार का प्रावधान हटा दिया था। जिसके बाद दलित संगठनों ने इसका विरोध किया था। दलितों के विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने एससी-एसटी एक्ट के मूल प्रावधानों वाले संशोधन बिल को लोकसभा में पेश किया, जहां यह संशोधन बिल पास हो गया। अब इसे इसे राज्यसभा में पेश किया गया है। बता दें, दलित संगठनों के साथ ही भारत बंद में पूर्व सैनिक और ऑल इंडिया किसान सभा भी हिस्सा लेगी।
यूपी में हाई अलर्ट
भारत बंद के दौरान बवाल होने की आशंका को देखते हुए पुलिस को अलर्ट किया गया है। सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि गुरुवार को भारत बंद जैसी स्थिति नहीं है लेकिन कुछ संगठनों की अपील को देखते हुए व्यापक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सावन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए वहां पहले से फोर्स अलर्ट है। इन जिलों में पीएसी के अलावा केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों की तैनाती भी है।
उधर पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि दलित संगठनों की अपील पर बंद के दौरान पिछली बार कुछ जिलों में हिंसा व आगजनी की घटनाएं हुई थीं। इसमें रोडवेज की बसों एवं अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को जमकर नुकसान पहुंचाया गया था। सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाकर समुदाय विशेष के लोगों को भड़काने का प्रयास भी किया गया था। इसमें पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में भीम सेना नामक संगठन की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई थीं। इस बार सभी जिलों को अपना स्थानीय खुफिया तंत्र मजबूत करके ऐसी घटनाओं की प्रभावी रोकथाम करने के निर्देश दिए गए हैं। जोन व रेंज स्तर के अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर प्रभावित जिलों को तत्काल फोर्स उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश में कई जगहों पर धारा-144
बंद को देखने को मध्य प्रदेश पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। कई जिलों में प्रशासन ने धारा-144 लगा दी है। बता दें, पिछली बार दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के भिंड सहित कुछ इलाकों में भारी हिंसा हुई थी। इसलिए इस बार प्रशासन ने हिंसा से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। ग्वालियर में बुधवार को ही धारा 144 लागू कर दी गयी है, जो 13 अगस्त तक लागू रहेगी। इसके अलावा मुरैना जिले में भी धारा 144 लागू रहेगी।
