मध्य क्षेत्र में एक्सईएन रेड की अगुवाई में चला अभियान
गोमतीनगर में दो उपभोक्ता पकड़े गए
अमौसी जोन में तीन पर एफआईआर
जानकीपुरम में अनुरक्षण और लोड बैलेंसिंग पर जोर
उपभोक्ताओं को राहत, व्यवस्था पर भी सवाल

*लखनऊ।* 9 जून। भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के बीच मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) ने बिजली चोरी और लाइन लॉस पर अंकुश लगाने के लिए राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया। प्रबंध निदेशक के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, वहीं बड़े बकायेदारों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की गई।
लखनऊ मध्य क्षेत्र में अधिशासी अभियंता रेड (सुशील कुमार) के निर्देशन में चलाए गए विशेष मॉर्निंग रेड अभियान के दौरान चौक क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। विभागीय टीम ने सात उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा। इनके खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी रोकने और राजस्व संरक्षण के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
अमौसी क्षेत्र में रेड एवं विजिलेंस टीम ने 46 कनेक्शनों की जांच की। जांच के दौरान तीन उपभोक्ता मीटर बाईपास कर बिजली चोरी करते पाए गए। इन पर कुल लगभग 11.6 किलोवाट भार दर्ज किया गया। विभाग ने संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

गोमतीनगर क्षेत्र में रेड टीम ने 26 परिसरों की जांच की। अभियान के दौरान दो उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए। विभाग ने उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। अधिकारियों के अनुसार पीक आवर्स में विद्युत तंत्र पर अनावश्यक भार कम करने और नियमित उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है।
जानकीपुरम जोन में बिजली चोरी के बजाय विद्युत आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए अनुरक्षण कार्य तेज किया गया। विभिन्न उपकेंद्रों पर ट्रांसफार्मरों की मरम्मत, लोड बैलेंसिंग तथा पेड़ों की शाखाओं की छंटाई का कार्य कराया गया, जिससे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।
विभाग का दावा है कि नई वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद शिकायतों का तेजी से निस्तारण हो रहा है और उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति मिल रही है। हालांकि, शहर के कई इलाकों में उपभोक्ता अब भी बार-बार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और स्थानीय स्तर पर होने वाली बिजली चोरी की शिकायत करते रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि फील्ड स्तर पर निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने की भी जरूरत है।
बावजूद इसके, मंगलवार को चलाए गए अभियान ने यह संदेश जरूर दिया कि बिजली चोरी और राजस्व हानि रोकने के लिए विभाग अब अधिक आक्रामक रुख अपनाने के मूड में है। विशेष रूप से मध्य क्षेत्र में एक्सईएन रेड सुशील कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान को विभाग की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
