निकाली जागरूकता रैली
बालश्रम को रेड कार्ड
बच्चों के अधिकारों के समर्थन में सामुदायिक पहल

*लखनऊ*। 12 जून 2026। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया द्वारा बारादरी परिसर, बुद्धेश्वर मंदिर, लखनऊ में “सशक्त बचपन, सशक्त समाज” विषय पर सामुदायिक संवाद एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालश्रम उन्मूलन, बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं संरक्षण के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समुदाय की सहभागिता को प्रोत्साहित करना था। इस वर्ष की वैश्विक थीम “बालश्रम को रेड कार्ड – बच्चों के लिए निष्पक्ष अवसर, वयस्कों के लिए सम्मानजनक कार्य” को केंद्र में रखते हुए प्रतिभागियों ने बालश्रम के विरुद्ध सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम में बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण विषय पर संवाद, गीत, हस्ताक्षर अभियान, सामूहिक शपथ तथा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली बारादरी परिसर, बुद्धेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर बुद्धेश्वर चौराहे होते हुए मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर संपन्न हुई।
इस अवसर पर सामाजिक शिक्षिका पुष्पा ने कहा कि हर बच्चे का स्थान विद्यालय में है, कार्यस्थल पर नहीं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र ने कहा कि बालश्रम केवल बच्चों के अधिकारों का हनन नहीं है, बल्कि समाज के भविष्य को कमजोर करने वाली समस्या भी है। इसके समाधान के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

संस्था की वालंटियर शिवानी ने बच्चों की सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया, जबकि सामुदायिक लीडर संगीता ने कहा कि बालश्रम मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है जब परिवार, समुदाय, विद्यालय और प्रशासन मिलकर कार्य करें।
इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया के निदेशक अमित ने कहा कि बालश्रम केवल बच्चों के अधिकारों का हनन नहीं, बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी एक गंभीर चुनौती है। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, शिक्षित एवं सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में लगभग 60 युवतियां ने सहभागिता की। आयोजन में इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया की टीम, स्वयंसेवकों एवं युवा साथियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। वर्तिका, अंशी, चांदनी, मुस्कान, सृष्टि, अर्पिता , दिव्या, संध्या, श्याम, रोहित सहित अन्य स्वयंसेवकों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
