भीषण गर्मी में बिजली चोरी पर विभाग सख्ती

कई क्षेत्रों में अभियान तेज

अधिकारियों ने कहा लाइन लॉस कम करना प्राथमिकता

ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं से परेशान उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

विद्युत तंत्र पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष निगरानी अभियान

*लखनऊ*। राजधानी में बढ़ते विद्युत भार और भीषण गर्मी के बीच बिजली विभाग ने बिजली चोरी तथा अनियमित उपभोग पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान टीमों ने सघन जांच की। अमौसी क्षेत्र में कई उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के मामले पकड़े गए, जबकि गोमती नगर और मध्य क्षेत्र में विद्युत तंत्र को सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाए रखने के लिए विशेष निरीक्षण और तकनीकी अभियान चलाए गए।

अमौसी क्षेत्र में रेड टीम और विजिलेंस अधिकारियों ने पूर्व चिन्हित संवेदनशील इलाकों में चेकिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान कई उपभोक्ता मीटर बाईपास कर बिजली का उपयोग करते पाए गए। विभागीय अधिकारियों ने संबंधित उपभोक्ताओं के विरुद्ध विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है तथा प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया भी पूरी की गई।

बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गर्मी के मौसम में विद्युत भार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में चोरी के कारण न केवल राजस्व हानि होती है बल्कि पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित होती है। विभाग की प्राथमिकता है कि लाइन लॉस को कम करते हुए उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।

उधर गोमती नगर क्षेत्र में पीक ऑवर के दौरान विद्युत तंत्र पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कराया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता समय रहते पकड़ी जा सके और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलती रहे।

जानकीपुरम क्षेत्र में भी बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ट्रांसफार्मरों का अनुरक्षण, लोड बैलेंसिंग तथा ओवरलोडिंग कम करने के कार्य किए गए। विभाग के अभियंताओं का कहना है कि इन कार्यों से ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं में कमी आएगी तथा उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

इसी क्रम में लखनऊ मध्य क्षेत्र के 33/11 केवी उपकेंद्रों पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई। कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया तथा जर्जर और अनावश्यक विद्युत तारों को हटाने का अभियान भी चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि इससे शॉर्ट सर्किट और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी तथा वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

 

विभाग के अधिशासी अभियंता (एडमिन एवं रेड) मध्य क्षेत्र सुशील कुमार ने बताया

कि उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए वर्टिकल व्यवस्था प्रभावी साबित हो रही है। विभाग के अनुसार बड़ी संख्या में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है।

मध्य क्षेत्र में चलाए जा रहे अभियानों के संबंध में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता (एडमिन एवं रेड) मध्य क्षेत्र सुशील कुमार ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता विद्युत चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं और लाइन लॉस कम करने के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। उनके अनुसार विद्युत चोरी से न केवल विभाग को राजस्व हानि होती है, बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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