विभिन्न क्षेत्रों में दर्जनों परिसरों की जांच
मध्य ज़ोन में बिजली चोरों पर बड़ा प्रहार
35 ई-रिक्शों वाले दो गैराज समेत 12 परिसरों में पकड़ी गई चोरी
अमौसी क्षेत्र में चार उपभोक्ता पर मीटर बाईपास कर विद्युत चोरी करने का मामला दर्ज*
गोमती नगर क्षेत्र में कोई उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करता नहीं पाया गया

*लखनऊ*। बढ़ती गर्मी और विद्युत तंत्र पर बढ़ते दबाव के बीच मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बिजली चोरी रोकने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। निगम के निर्देश पर विभिन्न क्षेत्रों में रेड टीमों और प्रवर्तन दलों द्वारा सघन निरीक्षण किया गया, जिसमें कई स्थानों पर अनियमितताएं सामने आईं और संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मध्य क्षेत्र की रेड टीम ने संवेदनशील और उच्च लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में बिजली चोरों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है।

आजाद नगर उपकेंद्र से जुड़े सबसे अधिक लाइन लॉस वाले मोहल्लों यासीनगंज और अंबरगंज में सोमवार सुबह रेड टीम ने विजिलेंस टीम के साथ संयुक्त रूप से व्यापक जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान दो बड़े ई-रिक्शा गैराजों में लगभग 35 ई-रिक्शों का अवैध रूप से विद्युत उपयोग पाया गया। इसके अलावा अन्य परिसरों की जांच में कुल 12 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी गई।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सभी दोषी उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी न केवल विभाग को राजस्व हानि पहुंचाते हैं बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित करते हैं।

मध्य क्षेत्र की रेड टीम ने स्पष्ट किया कि भीषण गर्मी के दौरान अप्रत्याशित विद्युत भार बढ़ने से ट्रांसफार्मरों और वितरण तंत्र पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में चोरी की बिजली से चल रहे भारी लोड वाले उपकरण और ई-रिक्शा चार्जिंग गैराज व्यवस्था को और कमजोर करते हैं, जिससे बार-बार ट्रिपिंग और स्थानीय फॉल्ट की समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्य अभियंता एवं उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मध्य क्षेत्र में लगातार दिन-रात अभियान चलाया जा रहा है। टीम का उद्देश्य बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर क्षेत्रवासियों को ट्रिपिंग मुक्त एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली चोरी के खिलाफ चल रहे अभियान सराहनीय हैं, लेकिन विभाग को पुराने जर्जर तारों, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों और स्थानीय तकनीकी खामियों को दूर करने पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि चोरी रोकने के साथ-साथ आधारभूत संरचना को मजबूत करने से ही उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत मिल सकेगी।
बहरहाल, यासीनगंज और अंबरगंज में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दे दिया है कि मध्य क्षेत्र की रेड टीम अब बिजली चोरी के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है और अवैध विद्युत उपयोग करने वालों पर लगातार शिकंजा कसती रहेगी।

अमौसी क्षेत्र में अधिशासी अभियंता रेड असेसमेंट एंड कलेक्शन के नेतृत्व में विजिलेंस टीम के साथ अभियान चलाकर 66 विद्युत संयोजनों की जांच की गई। जांच के दौरान चार उपभोक्ता मीटर बाईपास कर विद्युत चोरी करते पाए गए। विभाग ने सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि लाइन लॉस कम करने और राजस्व हानि रोकने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
गोमती नगर क्षेत्र में भी रेड टीम द्वारा विद्युत चोरी संभावित इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया गया। 27 परिसरों की जांच की गई। हालांकि यहां कोई उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करता नहीं पाया गया, लेकिन विभाग ने स्पष्ट किया कि पीक ऑवर्स के दौरान विद्युत भार को नियंत्रित रखने और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण जारी रहेगा।
जानकीपुरम क्षेत्र में सहायक अभियंता के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाकर 45 परिसरों की जांच की गई। इस दौरान 31 उपभोक्ताओं को बकाया बिल जमा कराने के लिए नोटिस जारी किए गए। विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से समय पर बिल भुगतान करने और विद्युत चोरी जैसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की।
विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी न केवल विभाग को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है बल्कि इससे ईमानदार उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त भार पड़ता है। इसलिए चोरी रोकने, लाइन लॉस कम करने और बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की विद्युत संबंधी समस्या अथवा शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1912 पर संपर्क करें तथा अवैध विद्युत उपयोग से बचें।
