कथित अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर उठे सवाल

*लखनऊ*।(*सय्यद जावेद हुसैन*) विकास प्राधिकरण के ज़ोन 2 क्षेत्र अंतर्गत थाना पीजीआई इलाके में लगातार हो रहे कथित अवैध व्यावसायिक निर्माणों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि एल्डिको चौकी के पीछे स्थित C-52, डेंटल हाईवे प्लाज़ा, एल्डिको उद्यान-2, रायबरेली रोड, लखनऊ में एक व्यावसायिक निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के कराया जा रहा है।
यह निर्माण होटल एवेन्यू 30 के बगल में तेज़ गति से जारी है, जबकि मौके पर कहीं भी स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्माण अनुमति से संबंधित बोर्ड प्रदर्शित नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण वैध होता तो नियमानुसार स्वीकृत मानचित्र, निर्माण विवरण और अनुमति संबंधी बोर्ड सार्वजनिक रूप से लगाया जाता।
लेकिन निर्माण स्थल पर ऐसी कोई जानकारी दिखाई नहीं दे रही, जिससे निर्माण की वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
इसी प्रकार दूसरा बड़ा निर्माण कार्य एल्डिको वेलकम यू हैंगिंग गार्डन, शहीद पथ के बिल्कुल सटे हुए क्षेत्र में चल रहा है। आरोप है कि उक्त निर्माण में पार्किंग व्यवस्था, सेटबैक, खुला क्षेत्र तथा अन्य अनिवार्य मानकों का पालन होता नहीं दिखाई दे रहा।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि भवन निर्माण मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे भविष्य में यातायात, पार्किंग और सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार दोनों निर्माण कार्य संबंधित विभागीय अधिकारियों की जानकारी में होने के बावजूद निर्बाध रूप से जारी हैं। आरोप है कि संबंधित अवर अभियंता विवेक यादव एवं सुपरवाइजर के संरक्षण में ये निर्माण तेज़ी से कराए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में अवैध व्यावसायिक निर्माणों की संख्या लगातार बढ़ती जाएगी।
विश्वत सूत्रों के अनुसार एक पूर्व सुपरवाइजर अर्जुन साहू, जो लगभग आठ-नौ माह पूर्व सेवानिवृत्त हो चुका है, उसने अपने सेवा काल का अधिकांश समय पीजीआई ज़ोन में बिताया था।
चर्चा है कि कथित रूप से उसके अनुभव और क्षेत्रीय पकड़ का लाभ वर्तमान निर्माण कार्यों में लिया जा रहा है।
हालांकि इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने मांग की है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण के उच्चाधिकारी निर्माण स्थलों की निष्पक्ष जांच कराएं तथा यदि निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा मानकों के विपरीत पाया जाए तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
