उत्तराखंड में विधायक और पूर्व विधायकों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी होगी। शनिवार को सरकार ने राज्य विधानसभा विविध संशोधन विधेयक सदन में पेश कर दिया है।
विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने के लिए विधानसभा की तदर्थ समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट तीन दिन पहले ही सरकार ने सदन में रखी थी। इसके बाद कैबिनेट की बैठक में वेतन-भत्ते बढ़ाने को भी मंजूरी दी थी। इसके बाद अब सरकार ने राज्य विधानसभा विविध संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रख दिया है। यह विधेयक यदि पारित हुआ तो विधायकों के वेतन-भत्तों में काफी इजाफा हो जाएगा। सूत्रों का दावा है कि वेतन भत्तों में एक लाख तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
सोमवार को लग सकती है प्रस्ताव पर मुहर
विधानसभा के सूत्रों ने बताया कि विधायकों एवं पूर्व विधायकों के वेतन भत्तों को बढ़ाने के संदर्भ में सदन में रखे गए विधेयक को सोमवार को सदन में पारित किया जाएगा। विधानसभा से विधेयक पारित होने के बाद इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
अभी 1,57, 000 है विधायकों के वेतन-भत्ते
उत्तराखंड में विधायक पहले ही से मालामाल थे और अब और मालामाल होने जा रहे हैं। जनवरी, 2014 में विजय बहुगुणा सरकार ने विधायकों के वेतन भत्तों में बढ़ोतरी की थी। इसके आधार पर विधायकों को प्रतिमाह लगभग 1,57,000 वेतन खातों में आता है, जबकि स्पीकर और मंत्रियों का वेतन इससे कई ज्यादा है। अब त्रिवेंद्र सरकार वेतन और भत्तों को और बढ़ाने जा रही है।
उत्तराखंड में 51 विधायक करोड़पति
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटक रिफार्म के अनुसार उत्तराखंड की इस बार की विधानसभा में कुल 69 में 51 विधायक करोड़पति हैं। दस करोड़ से अधिक संपत्ति वाले पांच, पांच से दस करोड़ वाले 5, एक से पांच करोड़ वाले 17 विधायक हैं।
ये सुविधाएं मिलती हैं विधायकों को
विधायकों को एक साल में तीन लाख कूपन (रेल व हवाई) की भी सुविधा है। उन्हें व परिजनों को क्लास वन अफसर के समक्ष चिकित्सा सुविधा के साथ ही दो मोबाइल, एक टेलीफोन की , 2000 लैटर हेड व 1000 लिफाफे फ्री और मकान निर्माण व वाहन क्रय के लिए आठ-आठ लाख ऋण की भी सुविधा है।
किसे कितना वेतन
विधायक : विधायक का वेतन 10 हजार से बढ़ाकर 25 से 30 हजार। विधानसभा क्षेत्र भत्ते को साठ हजार को बढ़ाकर एक लाख चालीस हजार तक करने की संस्तुति की गई है। तीन हजार रुपये वाले भत्ते को 12 हजार करने की सिफारिश है।
मंत्री आदि : मंत्रियों के वेतन भत्तों को दो गुना से ज्यादा बढ़ाने की सिफारिश की गई है। स्पीकर, डिप्टी स्पीकर विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का मासिक वेतन 54 हजार से बढ़ाकर एक लाख से ज्यादा करने की सिफारिश की है।
