भीषण गर्मी में जनता बेहाल
आउटसोर्स कर्मी से मारपीट
कई इलाकों में घंटों गुल रही बिजली

*लखनऊ*। राजधानी में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पूरी तरह दबाव में नजर आ रही है। तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचने के साथ ही ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाइनों पर लोड लगातार बढ़ रहा है, वहीं विभाग की *“वर्टीकल व्यवस्था*” अब सवालों के घेरे में आ गई है। कर्मचारियों की भारी कमी, बढ़ते फॉल्ट और लगातार बाधित हो रही सप्लाई के कारण जनता और बिजली विभाग के बीच टकराव की स्थिति पैदा होने लगी है।
इसी क्रम में आरडीएसओ विद्युत उपकेंद्र पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत संविदा उपकेंद्र परिचालक रोहित यादव के साथ कथित रूप से पब्लिक द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इलाके में लगभग पांच से छह घंटे से बिजली सप्लाई बाधित थी, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया और इसी दौरान उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारी के साथ हाथापाई की घटना हो गई।
जान बचाकर किसी तरह रोहित यादव तालकटोरा पावर हाउस पहुंचे और अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। घटना के बाद मध्य जोन में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों में भी नाराजगी और भय का माहौल है। जानकारों का कहना है कि पर्याप्त स्टाफ और संसाधनों के अभाव में लगातार बिगड़ती व्यवस्था का खामियाजा फील्ड में काम कर रहे कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है।
कई इलाकों में सप्लाई बाधित, लाखों उपभोक्ता परेशान
बसीरतगंज, दुर्वजयगंज, खुर्शीदबाग, रानीगंज, राजेंद्र नगर समेत कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली सप्लाई बाधित रही। उमस भरी गर्मी में बिजली न आने से हजारों परिवार परेशान रहे। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समय पर फॉल्ट ठीक नहीं किए जा सके।

वहीं इंदिरा नगर ए-ब्लॉक गोल चौराहे पर बिजली के खंभे में अचानक शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाने का प्रयास किया जबकि सूचना के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची।
जानकारों का कहना है कि पहले एक पावर हाउस पर तीन गैंग तैनात रहती थीं और एक जेई की जिम्मेदारी केवल एक उपकेंद्र तक सीमित होती थी। लेकिन वर्तमान वर्टीकल व्यवस्था में एक ही गैंग को चार-चार पावर हाउसों का जिम्मा दे दिया गया है। इतना ही नहीं, कर्मचारियों को रोजाना सैकड़ों शिकायतें भी निस्तारित करनी पड़ती हैं, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
लोगों का कहना है कि मैनपावर की भारी कमी के कारण फॉल्ट अटेंड करने में देरी हो रही है, जिससे जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कई जगहों पर पावर हाउसों पर तैनात कर्मचारियों के साथ अभद्रता और हाथापाई की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
मध्य जोन के नेपियर रोड इलाके में 1000 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक जाने से लगभग 500 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर लंबे समय तक आग उगलता रहा लेकिन समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।
सूत्रों के मुताबिक, उस समय टेक्निकल एसडीओ और जेई मुख्य अभियंता की बैठक में व्यस्त थे, जिसके कारण हालात और बिगड़ गए। ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद इलाके के हजारों लोग भीषण गर्मी में बेहाल हैं।
बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही लाइनमैनों और तकनीकी स्टाफ की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में लगातार बाधित बिजली सप्लाई कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकती है।
लोगों का कहना है कि सरकार और विभागीय अधिकारियों को जमीनी हालात को समझते हुए तत्काल मैनपावर बढ़ाने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता मजबूत करने और फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि जनता और विभाग के बीच बढ़ती दूरी को कम किया जा सके।
