शहरी वित्तीय सशक्तिकरण पर लखनऊ मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

लखनऊ/मुंबई (*खावर जलीस*)। मुंबई के नरिमन प्वाइंट स्थित यशवंतराव चव्हाण सेंटर में आयोजित “नेशनल कंसल्टेशन ऑन फिस्कल एम्पावरमेंट ऑफ सिटी गवर्नमेंट्स” कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने सक्रिय भागीदारी की। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रजा संस्था द्वारा किया गया, जिसमें देशभर के नगर निकायों के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं शहरी वित्त विशेषज्ञ शामिल हुए।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में “शहरी स्थानीय निकायों के वित्तीय सशक्तिकरण रिपोर्ट 2026” प्रस्तुत की गई, जिसमें शहरों की आर्थिक मजबूती और वित्तीय आत्मनिर्भरता पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान नगर निगम लखनऊ के पार्षद सौरभ सिंह ‘मोनू’ और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में नगर निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, राजस्व स्रोतों को मजबूत करने, कर संग्रहण प्रणाली में तकनीकी सुधार, सार्वजनिक संपत्तियों के बेहतर उपयोग, यूजर चार्ज व्यवस्था, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, विज्ञापन एवं पार्किंग प्रबंधन तथा शहरी आधारभूत संरचना के वित्त पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
पहले सत्र “नगर निकायों के स्व-वित्तीय राजस्व स्रोतों की मजबूती” में महापौर सुषमा खर्कवाल पैनलिस्ट के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने लखनऊ नगर निगम द्वारा बिना कर दर बढ़ाए राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि के मॉडल को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में गृहकर से प्राप्त 313.81 करोड़ रुपये की आय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 771.06 करोड़ रुपये हो गई, जो 145 प्रतिशत से अधिक वृद्धि को दर्शाती है।
इसी प्रकार जलकर एवं सीवर शुल्क से आय 149.57 करोड़ रुपये से बढ़कर 447.95 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। भवनों के असेसमेंट में भी वृद्धि हुई है, जो 5.85 लाख से बढ़कर 7.60 लाख हो गई।

महापौर ने यह भी बताया कि नगर निगम की संपत्तियों के बेहतर उपयोग से आय में वृद्धि हुई है। किराये से होने वाली आय 1.81 करोड़ से बढ़कर 4.91 करोड़ रुपये, जबकि विज्ञापन एवं होर्डिंग से आय 2.79 करोड़ से बढ़कर 15.50 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, पार्किंग शुल्क और यूजर चार्ज में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण से यूजर चार्ज की आय 8.03 करोड़ से बढ़कर 30.01 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसके अलावा ‘अहाना इन्क्लेव’ आवासीय योजना के माध्यम से नगर निगम ने 226 करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित की।
महापौर ने बताया कि नगर निगम अब खाली पड़ी जमीनों का उपयोग कर नए राजस्व स्रोत विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके तहत शहर में उत्सव वाटिकाओं और खेल मैदानों के निर्माण की योजना है, जिससे आम जनता को सुविधाएं मिलने के साथ-साथ नगर निगम की आय भी बढ़ेगी।
दूसरे सत्र में शहरी विकास के लिए नवाचार आधारित वित्तीय मॉडल, इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग और आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान विनय कुमार राय ने नगर निगम अधिनियम में आवश्यक सुधारों और पारदर्शिता बढ़ाने पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में प्रस्तुत लखनऊ मॉडल को अन्य शहरों के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने सराहा और इसे एक प्रभावी एवं अनुकरणीय पहल बताया।
